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भारत के विदेश मंत्री एस.जयशंकर (S.Jaishankar) ऑस्ट्रिया दौरे पर हैं। यहां विदेश मंत्री ने एलेक्जेंडर स्केलेनबर्ग से द्विपक्षीय मसलों (Talked on bilateral issues with Alexander Schellenberg) पर बातचीत की। जयशंकर ने ऑस्ट्रिया में रह रहे भारतीय मूल के नागरिकों के साथ भी संवाद किया। इस दौरान उन्होंने खरी-खरी सुनाते हुए चीन और पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि चीन ने समझौता तोड़ा हैं। और पाकिस्तान आतंकवाद का अड्डा बना हुआ है।

नियंत्रण रेखा की स्थिति को एकतरफा ढंग से बदलने की कोशिश
विदेश मंत्री ने कहा कि चीन ने नियंत्रण रेखा की स्थिति को एकतरफा ढंग से बदलने की कोशिश की, इसीलिए भारत और चीन के बीच तनाव बना हुआ है।यह सैटेलाइट युग है, इसमें सीमावर्ती क्षेत्रों की तस्वीरें साफ दिखती हैं। इनसे इनकार नहीं किया जा सकता। चीन के साथ भारत का समझौता है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सेना तैनात नहीं करेंगे। लेकिन चीन ने इस समझौते का पालन नहीं किया। इस कारण दोनों देशों के बीच अभी तनावपूर्ण स्थिति है। इसी तरह दोनों देशों के बीच नियंत्रण रेखा को एकतरफा नहीं बदलने का समझौता है। इसके बाद भी चीन ने ऐसा करने की कोशिश की। जयशंकर ने कहा कि भारत ने सैन्य दबाव झेला, इसका कोई औचित्य नहीं है।

पाकिस्तान चला रहा आतंकवादी भर्ती शिविर व अड्डा
जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवादी भर्ती शिविर व अड्डे चला रहा है। ये सब वह दिनदहाड़े कर रहा है। ऐसे में यह कैसे माना जा सकता है कि एक संप्रभु देश जो अपनी सरजमीं का नियंत्रण करता है उसे इसकी जानकारी नहीं है? इन अड्डों में आतंकियों को खासतौर से सेना और युद्ध की रणनीति का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पाकिस्तान को खरी-खरी सुनाते हुए जयशंकर ने कहा कि यह वही देश है, जिसने मुंबई पर आतंकी हमला किया। होटलों में ठहरे विदेशी पर्यटकों को मार दिया गया। वह रोजाना सीमा पार से आतंकवादी भेजता है।